अभ्यास की प्रामाणिकता तुम्हें दृढ़ बना देगी, वह दृढ़ता तुम्हें लक्ष्य (ईश्वरप्राप्ति) तक पहुँचा देगी ।

दृढ़ संकल्प और निष्ठा पूर्वक साधन करने से सर्वोत्तम ज्ञान – ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति होती है ।

सर्दियों के लिए उत्तम बलवर्धक प्रयोग

प्रदीप्त जठराग्नि के कारण शीत ऋतु पौष्टिक व बलवर्धक आहार-सेवन के लिए अनुकूल होती है । इस ऋतु में रुक्ष पदार्थों के सेवन एवं अति अल्पाहार से व अधिक उपवास से शारीरिक धातुओं का ह्रास होकर शरीर दुर्बल हो जाता है । सर्दियों में पौष्टिक पदार्थों का सेवन कर सम्पूर्ण वर्ष के लिए आवश्यक बल को सँजोना चाहिए ।

मंगलकारी संकल्प क्या है ? परम मंगलकारी परमात्मा को पाना ।

गर्भपात के महापाप से बचो और बचाओ

अपने पेट में दवाएँ डलवाकर अथवा कातिल साधनों द्वारा शिशु के टुकड़े-टुकड़े करके गर्भपात करवाना क्या पवित्र कार्य कहा जायेगा ? गर्भपात को पाप ही नहीं, महापाप माना गया है ।

देवी-देवताओं के रूप एवं वेशभूषाएँ विविध क्यों ?

देवी-देवताओं के अलग-अलग रूप व उनकी विविध वेशभूषा उनके विशिष्ट गुण दर्शाते हैं । भगवान विष्णुजी सृष्टि के पालनकर्ता होने से चतुर्भुजरूप हैं । प्रलयकर्ता होने से भगवान शंकरजी का तीसरा नेत्र अग्निस्वरूप है ।

अकाल पुरुष का साक्षात्कार करना यह महासंकल्प है ।

केवल तभी तुम वास्तव में हिन्दू कहलाने योग्य होगे…

यदि कोई हिन्दू धार्मिक नहीं है तो मैं उसे हिन्दू ही नहीं कहूँगा । दूसरे देशों में भले ही मनुष्य पहले राजनैतिक हो और फिर धर्म से थोड़ा-सा लगाव रखे पर यहाँ भारत में तो हमारे जीवन का सबसे बड़ा एवं प्रथम कर्तव्य धर्म का अनुष्ठान है और फिर उसके बाद यदि अवकाश मिले तो दूसरे विषय भले ही आ जायें ।

Appreciation of the service work of Sant Shri Asharamji Gaushala.

नामली के लगभग एक दर्जन से अधिक गांवों के 250 से अधिक विद्यार्थी आज बाल दिवस के अवसर पर पंचेड आश्रम पहुंचे ।