Adhyatmik, Bauddhik Vyayama (Hindi)

आध्यात्मिक बौद्धिक व्यायाम

जीवन में हर कार्य की सफलता के लिए बुद्धि व स्मृतिशक्ति की बड़ी आवश्यकता होती है । यदि सगर्भावस्था में माता की तर्कशक्ति, अनुमानशक्ति, निर्णयशक्ति एवं सकारात्मक व आध्यात्मिक विचारशैली को विशेष जागृत किया जाय तो उसका लाभ माता के साथ-साथ उसके गर्भ में पोषित हो रहे ग्रहणशील शिशु को भी मिलता है । गर्भकाल के दौरान शिशु के विकसित होते मस्तिष्क की विभिन्न शक्तियों को जागृत करने एवं उसको मेधावी, उत्तम तर्कशक्ति-सम्पन्न व बुद्धिमान बनाने में सहायक इस पुस्तक का लाभ सभी गर्भिणी महिलाओं को लेना चाहिए ।

गर्भस्थ शिशु के लिए तो यह पुस्तक लाभकारी है ही, इसके अलावा बच्चे, बड़े, युवा, स्त्री, पुरुष – सभी आयु-वर्ग के लोग अपनी उपरोक्त शक्तियों के विकास हेतु इसका लाभ ले सकते हैं ।

Ādhyātmik, Bauddhik Vyāyāma (Spiritual, and intellectual exercise)

It is essential to have intelligence and memory to be successful in all works. If the reasoning power, power of judgement, power of decision making and the positive and spiritual mindset are developed by an expectant mother, then not only will the mother, but the receptive fetus in her womb is also going to get the benefit of that. All pregnant mothers should take benefit of this book for awakening various powers of the developing brain of the fetus to make it intelligent and endowed with phenomenal reasoning power.

Not only the fetus in the womb can benefit from this book, but the elderly, adults, youth, women, men and people of all ages can benefit for developing the above-mentioned powers.

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