क्या परिज़न के निधन पर देश का कानून पूज्य बापूजी के साथ समानता का व्यवहार करेगा ?







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Uploaded by Admin on 3/21/2015
संत श्री आशारामजी बापू के प्रिय भानजे श्री शंकर लालचंद पागारानी का अहमदाबाद में कल गुरुवार 19 मार्च की रात्रि में स्वर्गवास हो गया । श्री शंकर भाई कुछ महीनो से बीमार चल रहे थे | पूज्य बापूजी ही उनके सर्वस्व थे, वे हमेशा भगवान से यही प्रार्थना करते थे, कि निर्दोष बापूजी के आने के बाद ही उनके प्राण निकले और उससे पहले भी यदि उनके प्राण छूटें तो पूज्य बापूजी के हाथों ही उनका अंतिम संस्कार हो | तरुण तेजपाल को माँ की अन्त्येष्टि के लिए 3 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी गयी थी । तेजपाल पर लगाये गये आरोप सिद्ध भी हो गये फिर भी बाद में उसे महिनों के लिए जमानत पर छोड़ दिया जाता है । लालू प्रसाद यादव एवं जयललिता को मुक्त कर दिया जाता है, संजय दत्त जैसे को जब चाहे किसी भी छोटे से कारण पर पैरोल दे दी जाती है । तो क्या बापूजी को इतने करीबी रिश्ते और ऐसे विशेष जीवन-मरण के अवसर में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी जायेगी ? क्या देश का कानून पूज्य बापूजी के साथ समानता का व्यवहार करेगा ??? श्री योग वेदांत सेवा समितियाँ, महिला उत्थान मंडल, युवा सेवा संघ, धर्म रक्षा मंच, अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच, सार्थक म