Vahi To Ishwar hai ( वही तो ईश्वर है ..)





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Uploaded by Admin on 11/19/2013
वही तो ईश्वर है .. ( तात्विक सत्संग ) संत श्री आशारामजी बापू की ज्ञानमयी अमृतवाणी मई २०१३ , हरिद्वार आश्रम सत्संग के मुख्य अंश : * मन और बुद्धि को काम - क्रोध और विकार रहित जहाँ सुख मिलता है ...वही ईश्वर है ...निर्विकारी सुख जहाँ है वहीँ ईश्वर है ...उससे बुद्धि पुष्ट होती है ...... * ईश्वर कहाँ रहते हैं ? ...समझ गए , कैसे मिलते हैं ? ...समझ गए ...और कैसे दूर होते हैं ? ...ये भी समझ गए ...अब खाली बारीकी से इन बातों को पकड़ लें ....बस !! आसान है .... * कोई वासना नहीं ...उस समय जो शांति है , आनंद है ....वही तो ईश्वर है !...