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श्रीमद भगवदगीता जयंती (19 दिसम्बर) और तुलसी पूजन दिवस (25 दिसम्बर)

अपनी भारतीय संस्कृति में श्रीमद भगवदगीता जी और तुलसी जी का पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है ।

वर्तमान की विकट समस्याओं का समाधान गीता-ज्ञान से ही सम्भव है | गीता का ज्ञान जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति देनेवाला है |  

तुलसी पूजन, सेवन व रोपण से आरोग्य-लाभ,आर्थिक लाभ के साथ ही आध्यात्मिक लाभ भी होते हैं |

विश्व मानव इनका अधिक से अधिक लाभ ले इसी हेतु से पूज्य बापूजी ने गीता जयंती व तुलसी पूजन दिवस व्यापक रूप से मनाने की शुरुआत की ।

श्री योग वेदांत सेवा समिति, बाल संस्कार, युवा सेवा संघ, ऋषि प्रसाद, महिला मंडल और समस्त साधकगण गीता जयंती और तुलसी पूजन दिवस विद्यालयों-महाविद्यालयों में, मंदिरों में, सोसाइटीयों में तथा सार्वजनिक स्थानों पर भी अवश्य मनाएं और इस अभियान में जुड़े ।

गीता जयंती निमित्त संकीर्तन यात्रा एवं जिलाधिकारी को ज्ञापन, स्कूलों में भगवदगीता ज्ञान प्रतियोगिता तथा गीता का पूजन एवं पठन का आयोजन कर सकते है । 
 
गीता जयंती निमित्त आवश्यक प्रचार सामग्री जैसे फ्लैक्स-बैनर, पाम्पलेट, प्रेसनोट, ज्ञापन आदि निचे दी हुई लिंक से डाउनलोड करें |



तुलसी पूजन दिवस निमित्त आवश्यक प्रचार सामग्री जैसे फ्लैक्स, बाइक फ्लैक्स, कीर्तन यात्रा ऑडियो, ऑडियो ट्रैक्स, पाम्पलेट, प्रेसनोट आदि निचे दी हुई लिंक से डाउनलोड करें |




अखिल भारतीय कार्यालय -अहमदाबाद आश्रम
Admin
/ Categories: PA-001805-Tulsi Poojan

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित "तुलसी पूजन दिवस" -25 दिसम्बर (तुलसी पूजन - पेम्पलेट )

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