बापूजी का गुरुपूनम के निमित संदेश 2015
ॐ आनंद ॐ माधुर्य ॐ उन्नति 

छान्दोग्य उपनिषद् का वचन है महामनास्यात , बड़े मन वाले बनो |सर्दी , गर्मी ,बारिश की  निंदा न करो , मनुष्यों , पशु पक्षी जीव जंतुओं की निंदा न करो |मांस भक्षण न करो , मदिरा न पियो |निंदा और मांस  - मदिरा बुद्धि को तुच्छ बनाती है |

जप यज्ञ , गीता कहती है यज्ञो दानं तपश्चैव पावनानि मनीषिणाम्। पवित्र बुद्धि परमात्मा के आनंद में प्रतिष्ठित होती है | भगवन व्यास जी कहते हैं और मैं भी कहता हूँ ,"रात्रि को सोते समय और सुबह उठाते समय , मैं प्रभु का हूँ प्रभु मेरे हैं |वे आनंद स्वरुप हैं तो मैं भी आनंद स्वरुप हूँ , सुख दुःख आके चले जाते हैं मैं साक्षी ज्यों का त्यों हूँ |"ऐसा अभ्यास करने वाला शीघ्र ही मुझे पता है मुझ मय हो जाता है |यही है भगवन से नज़र मिलाना गुरु से नज़र मिलाना | गुरु को जैसा जगत दिखता है  , भगवान् को जैसा जगत दिखता है तुम्हें भी ऐसा ही दिखने लग जाए |फिर शोक मोह चिंता भय दुःख और सुख ऐसे उड़ जाएँगे जैसे आग से कपूर | गीता कहती है , ज्ञानाग्नि दग्ध कर्माणं ..|


३१/७/२०१५ का पावन  गुरुपूर्णिमा का पर्व , पावन संदेश देता है - निंदा न करो , फ़रियाद न करो , एक दुसरे  को बदनाम न करो और अपने आनंद स्वरुप को जगाओ | जोधपुर जेल से गुनाही प्रवृत्ति करने वालों को छोटी  नज़रों से देखा जाता है  व अच्छी  प्रवृत्ति वालों को ऊँची नज़रों से देखा जाता है और मेरी ऊँची बात तुम तक पहुँचाने की सेवा भी करता है सज्जन प्रशासन |  ये साइन  मेरे हैं , आज की ताज़ा खबर !! 



तुम्हारे जीवन में नित्य नवीन रस प्रभु का उभरता रहे | ॐ ॐ  आनंदम्  |

इस संदेश को विश्व भर में फैलाओ | निंदा की की हम  किसी से ......सत्य बोलें झूठ त्यागें ........हे प्रभु आनंददाता ....

समझ गए साईं के प्यारे , दिल के दुलारे लाला लाल्लियाँ | मेरी चिंता न करो , मेरे आत्मस्वभाव  का चिंतन करो |मेरी नज़र से नज़र मिलाओ और मुक्त हो जाओ |  यही भगवान वेद  व्यास चाहते हैं , इष्टदेव और गुरुदेव चाहते हैं | व्यासजी से , कृष्ण जी से , गुरूजी से अपनी समझ साझा करो | 


31.7.2015
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