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Divine Experiences

ये कैसा है जादू !
मई 1994 में मुझे किडनी की तकलीफ हो गयी थी। डॉक्टरों ने बताया कि ‘आपकी एक किडनी जन्म से ही खराब है और दूसरी भी 22 साल तक अकेले ही काम करने के कारण खराब हो चुकी है। दोनों किडनियों में हाइड्रोनेफ्रोसिस की बीमारी है और पथरी भी है। आपको ऑपरेशन कराना पड़ेगा।’ उन्हीं दिनों में पूज्य गुरुदेव का मुंबई में सत्संग आयोजित हुआ। मैंने पूज्य बापू जी से दीक्षा ले ली। दीक्षा के दिन ही पूज्य गुरुदेव जी ने मुझ पर कृपा बरसाते हुए पूछा कि “तुझे क्या हुआ है।” मैंने रोते-रोते अपनी किडनी की तकलीफ की बात बतायी और कहा कि “इस तरह का रोग ठीक होना मुश्किल है – ऐसा डॉक्टर कहते हैं।”
पूज्य गुरुदेव ने अपनी नूरानी नज़र से कृपा बरसाते हुए मुझे मंत्र दिया और कहा कि तुझे कुछ नहीं होगा। इस बात को आज ग्यारह साल से भी अधिक समय हो गया है। अभी मैंने दिनांक 20.7.2005 को के.ई.एम. हॉस्पिटल (परेल, मुंबई) से किडनी के सब टेस्ट करवाये तो मुझे बताया गया कि दोनों किडनियों में आज भी खराबी है, फिर भी 100 % काम कर रही हैं। इस अवस्था में रोगी को कभी डायलसिस पर जाना पड़ता है परंतु आज तक मुझे सिर दर्द या बुखार ने भी नहीं सताया। मैं गुरुदेव की कृपा से बिल्कुल स्वस्थ जीवन जी रही हूँ। यह विज्ञान-जगत के लिए अत्यंत आश्चर्य की बात है।

श्रीमति मंजुला हरेश भानुशली
सी-203, साईंधाम सोसायटी, मुलुंड, पश्चिम, मुंबई, महाराष्ट्र
फोनः 25688929
ऋषि प्रसाद, सितम्बर 2005, पृष्ठ संख्या 27, अंक 153
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