रक्षाबन्धन का अर्थ
/ Categories: Spirituality, Others, Sadhana
Visit Author's Profile: Rupesh Kumar Saigal

रक्षाबन्धन का अर्थ

रक्षाबन्धन का अर्थ

 

: रक्षा कर ह्रदय कोष की, पा ले प्रभु का ज्ञान, सम संतोष सुविचार संग जीवन हो निष्काम
क्षा : क्षमा, प्रेम, उदारता परदुःख का एहसास, सार्थक जीवन है वही रखे कोई आस
न् : बन्ध मोक्ष से है परे, जन्म कर्म से दूर, व्यापक सर्व में रम रहा, वह नूरों का नूर
: धर्म दया और दान संग, जीवन में हो उमंग, प्रभु प्रेम की प्यास हो लगे नाम का रंग
: नभ, जल, थल में हैं वही, सर्व में प्रभु का वास, नूरे नज़र से देख ले वही दिव्य़ प्रकाश
 

स्रोतः रक्षाबन्धन महोत्सव गोधरा भाग , १९-०८-०५ (वी. सी. डी.)

Previous Article Sadhana Prakash
Next Article Sharad Poonam Darshan - 2006 Ahmedabad Ashram
Print
32729 Rate this article:
4.4

Please login or register to post comments.