Marathi Books

Prabhu Rasmay Jeevan (Marathi)

प्रभु-रसमय जीवन (मराठी)

"प्रभु-रसमय जीवन" हर घर-परिवार के मुखिया की यह चाह होती है कि उनका पूरा कुटुम्ब सन्मार्ग पर चले, हर माता-पिता अपनी संतान को आदर्श संतान बनाना चाहते हैं, भाई-भाई के बीच आत्मीयता को हर कोई प्रगाढ़ रखना चाहता है, हर पति-पत्नी चाहते हैं कि उनका दाम्‍पत्‍य जीवन आदर्शपूर्ण एवं शांतिमय हो, सभी चाहते हैं कि

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Prabhu ! Param Prakash Ki Aur Lechal.... (Marathi)

प्रभु ! परम प्रकाश की ओर ले चल... (मराठी)

"प्रभु ! परम प्रकाश की ओर ले चल..." संसार का अज्ञान-अंधकार मिटाने के लिए जो अपने-आपको जलाकर प्रकाश देता है, संसार की आँधियाँ उस प्रकाश को बुझाने के लिए दौड़ पड़ती हैं । उसके बावजूद भी जैसे सूर्य अपना प्रकाश देने का स्वभाव नहीं छोड़ता वैसे ही 

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Prasad (Marathi)

प्रसाद (मराठी)

"प्रसाद" जीवन में आप जो कुछ करते हैं उसका प्रभाव आपके अंतःकरण पर पड़ता है । कोई भी कर्म करते समय अपने जीवन पर होनेवाले उसके परिणाम को सूक्ष्मता से निहारना चाहिए । ऐसी सावधानी से ही हम अपने मन व इन्द्रियों को नियंत्रित कर बुद्धि को सत्यस्वरूप आत्मा-परमात्मा में प्रतिष्ठित कर सकेंगे ।

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Prerak Prasang - Part 1 (Marathi)

महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग (भाग-1) (मराठी)

"महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग (भाग-1) " सत्प्रसंगों की ऐसी महिमा है कि उन्हें पढ़ते-सुनते उनमें रुचि पैदा होती है । धीरे-धीरे वह रुचि उनमें गुणबुद्धि रखने लगती है । फिर तो यह मार्ग सिद्धांत-सा बनकर मस्तिष्क में छा जाता है और हम वैसे ही बन जाते हैं । ऐसे परम पवित्र, जीवनोद्धारक प्रसंगों को आत्मनिष्ठ पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की अमृतवाणी

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Prerna Jyot (Marathi)

प्रेरणा ज्योत (मराठी)



"प्रेरणा ज्योत"  आधुनिकता की अंधी दौड़ में आज चारों तरफ विनाश की तरफ ले जानेवाली सामग्री बड़े ही रोचकरूप में उपलब्ध है । इसके आकर्षण में पड़कर युवक-युवतियों का जीवन बर्बाद हो रहा है । ऐसे में युवक-युवतियों को सही दिशा, उत्तम प्रेरणा मिले और उनका जीवन उन्नत हो इसी उद्देश्य से ‘प्रेरणा ज्योत’ पुस्तक बनायी गयी है ।

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Purusharth Param Dev (Marathi)

पुरुषार्थ परम देव (मराठी)



"पुरुषार्थ परम देव"  देव बड़ा या पुरुषार्थ ? देव के आश्रित रहनेवाला जरूरी नहीं कि जो चाहे वह सफलता, वह उपलब्धि कर सके लेकिन स्वयं का प्रयत्न, स्वयं का पुरुषार्थ देवों का भी देव है, परम देव है । अतः पुरुषार्थ करके व्यक्ति जो चाहे वह पा सकता है, जहाँ चाहे पहुँच सकता है । अरे,

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Sachcha Sukh (Marathi)

सच्चा सुख (मराठी)

"सच्चा सुख" मानव बेचारा सुबह से शाम तक, जीवन से मौत तक सुख की तलाश में भटकता रहता है लेकिन उसे पता ही नहीं कि सच्चा सुख कहाँ से और कैसे मिलेगा । वह कभी व्यक्ति से, कभी वस्तु से, कभी परिस्थितयों से सुख खोजने में अथक परिश्रम करता है लेकिन सच्चा सुख क्या है और वह कैसे मिलता है ?

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Sada Diwali (Marathi)

सदा दिवाली (मराठी)

"सदा दिवाली"  हर व्यक्ति की चाह होती है सदा सुखी रहने की, सदा खुश रहने की । इस माँग की पूर्ति आत्मज्ञानी महापुरुषों के अमृत-उपदेश से ही सम्भव है । ‘सदा दिवाली’ पुस्तक में संत श्री आशारामजी बापू के अमृत-वचनों का संकलन है, जिनका आदरपूर्वक मनन कर आप भी अपने जीवन में हररोज दिवाली, हरक्षण दिवाली मना सकते हैं ।

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Sadhna Me Safalta (Marathi)

साधना में सफलता (मराठी)

"साधना में सफलता"  साधना के पथ पर करोड़ों लोग चलते हैं लेकिन पथ का सही पता नहीं होने व मार्गदर्शक के अभाव के कारण सभी मंजिल तक नहीं पहुँच पाते हैं । जो इन मंजिलों की यात्रा किये हुए हैं उनका मार्गदर्शन मिल जाय तो मंजिल तय करना आसान हो जाता है ।

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Sahaj Sadhna (Marathi)

सहज साधना (मराठी)

"सहज साधना" साधना की रीति गुरुआज्ञा-पालन में निहित है और साधना का मर्म गुरुकृपा में है । ईश्वर की कृपा जिन पर होती है उन्हें ही सद्गुरु मिलते हैं और जिन्हें सद्गुरु मिल जायें उन्हें साधना करनी नहीं पड़ती, उनकी साधना गुरुआज्ञा पालने व गुरुवचनों का मनन-चिंतन करने से सहज में होने लगती है ।

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Samta Samrajya (Marathi)

समता साम्राज्य (मराठी)

"समता साम्राज्य"  समता एक दैवी गुण, एक बड़ी साधना है, जिसके विषय में भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है : ‘...समत्वं योग उच्यते ।’ अर्थात् समत्वभाव ही योग है । जिसने अपने जीवन में समता का गुण विकसित कर लिया वह हर क्षेत्र में सफल हो जायेगा । सत्संग से विवेक जगता है । विवेक से समता आती है । समता ही परमात्मप्राप्ति का सुंदर-में-सुंदर और सहज साधन है ।

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Samarthya Srot (Marathi)

सामर्थ्य स्रोत (मराठी)

"सामर्थ्य स्रोत"  आत्मा-परमात्मा विश्व के सारे बलों का स्रोत है । सारे सुखों का मूल कारण आत्मा है । सारे ज्ञानों का मूल उद्गम स्थान आत्मा है । सारे सामर्थ्य का मूल स्रोत आत्मा है । सामर्थ्य-स्रोत परमात्मा का अथाह सामर्थ्य मनुष्य के भीतर सुषुप्तरूप में पड़ा हुआ है । संतों-महापुरुषों के मार्गदर्शन से सुषुप्त शक्तियों को जगाकर मनुष्य अथाह सामर्थ्य का धनी बन सकता है ।

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Sanskar Sarita (Marathi)

संस्कार सरिता (मराठी)



"संस्कार सरिता"  जीवन में संस्कार से बढ़कर कोई धन नहीं है । धर्म व सत्संस्कारों से ही मानव ‘मानव’ बनता है । बालक तो गीली मिट्टी जैसे होते हैं, उन्हें जैसा बनाना चाहें बना सकते हैं । सत्संग तारता है और कुसंग डुबोता है इसलिए सदैव सत्संग की पुस्तकें, गीता, भागवत, रामायण आदि ग्रंथ पढ़ने चाहिए ।

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Sant Avtaran (Marathi)

संत अवतरण (मराठी)

"संत अवतरण"  संतों-महापुरुषों के उपकारों का वर्णन करना कठिन ही नहीं असम्भव है । संतों की कृपा बेमाप बरसती रहती है । उनकी करुणा-कृपा को याद कर हृदय बार-बार पावन होता है, अपने कल्मष मिटने लगते हैं, इसलिए युग–युग में भगवान की गाथा के साथ-साथ संतों के चरित्र भी बड़े आदर व प्रेम से गाये जाते हैं ।

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Sant Milan Ke Sansmarana (Marathi)

संत-मिलन के संस्मरण (मराठी)

"संत-मिलन के संस्मरण"  ब्रह्मनिष्ठा प्राप्त करने के बाद ज्ञानी महापुरुषों को प्रसन्नता-अप्रसन्नता, प्रियता-अप्रियता, सुख-दुःख, मिलना-बिछुड़ना कुछ भी प्रतीत नहीं होता, फिर भी वे दूसरे ब्रह्मनिष्ठ से मिलते हैं तो बहुत आनंदित होते हैं । पूज्य संत श्री आशारामजी बापू एवं आपश्री के मित्र संतों के साथ के मिलन-प्रसंग, ज्ञानप्रद संवाद, उच्चकोटि के भक्तों, योगियों, तपस्वियों से

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