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Yauvan Suraksha-2
Yauvan Suraksha-2

Yauvan Suraksha-2

विभिन्न सामवियकों और समाचार पत्रों में तथाकथित पाश्चात्य मनोविज्ञान से प्रभावित मनोचिकित्सक और 'सेक्सेलोजिस्ट' युवा छात्र-छात्राओं को चरित्र-संयम और नैतिकता से भ्रष्ट करने पर तुले हैं। ऐसे समय में, युग की वर्तमान माँग को दृष्टि में रखकर युगपुरुष बापू ने अत्यन्त विलासपूर्ण कुत्सित वातावरण में भी आसानी से यौवन रक्षार्थ प्रभावोत्पादक वाणी में जो मार्गदर्शन दिया है, उसका युवावर्ग को पूर्ण लाभ मिले, इस भावना से प्रेरित हो समिति यौवन सुरक्षा का दूसरा भाग आपकी सेवा में प्रस्तुत करते हुए आनन्दानुभव कर रही है।
आशा है सुज्ञ पाठक समिति की इस आवश्यकतानुकूल सेवा से स्वयं लाभान्वित हो दूसरों को लाभान्वित कराने की कृपा करेंगे।

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