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Antar Jyot
Antar Jyot

Antar Jyot

इस पुस्तक में जीवन के मौलिक प्रश्न विषयक संतों-महापुरुषों का गहन वेदान्तिक अध्ययन एवं उनके अनुभव का नवनीत भिन्न-भिन्न प्रकार से प्रस्तुत किया गया है जो आज के दुर्बल तन-मन वाले समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। अगर पाँच-सात बार इसका पठन एवं मनन शांति पूर्वक किया जाय तो यह आध्यात्मिक नवनीत पुष्टिदायक सिद्ध होगा। इसके मनन से तमाम प्रश्नों के उत्तर भी भीतर से स्फुरित होने लगेंगे, ऐसी आशा है।
संतों का प्रसाद अपनी यथामति-गति से समाज के समक्ष प्रस्तुत करते हुए समिति आनंद का अनुभव करती है।
परमात्मा के प्यारे.... संतों के दुलारे बालक बंधु ! इस प्रकाशन के विषय में आपसे प्रतिक्रियाएँ स्वीकार्य हैं।

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