Pujya Asaram Bapu ji (आसाराम बापू जी) Darshan Wallpaper 1st August 2013

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 हम बोलना चहते हैं तभी शब्दोच्चारण होता है, बोलना न चाहें तो नहीं होता | हम देखना चाहें तभी बाहर का दृश्य दिखता है, नेत्र बंद कर लें तो नहीं दिखता |

Pujya Asaram Bapu ji (आसाराम बापू जी) Darshan Wallpaper 3rd August 2013

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 ओ मानव ! तू ही अपनी चेतना से सब वस्तुओं को आकर्षक बना देता है | अपनी प्यार भरी दृष्टि उन पर डालता है, तब तेरी ही चमक उन पर चढ़ जाती है और…फिर तू ही उनके प्यार में फ़ँस जाता है |

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